अपने पास्टर की सहायता कैसे करें

दुर्भाग्यवश, इस विषय में अधिक शिक्षा नहीं दी जाती है और प्रत्येक जन अपनी मन मर्जी से चमता रहता है| कलीसिया में लोग वाही करते है जिसे वे ठीक समझते है और कलीसिया को विबिन्न दिशाओं में खिंच कर ले जाते और कलीसिया कहीं नहीं पहुँच पाती है| यदि प्रत्येक व्यक्ति वाही करता है जो उसे ठीक जान पडता है तो हमारा घर झंझट और गड़बड़ी से भरा होगा | परन्तु परमेश्वर गड़बड़ी का परमेश्वर नहीं है| एक मजबूत कलीसिया को बनाने, की इच्छा से इसमें मजबूत लोगों को खड़ा करने की इच्छा से मैं यह सन्देश बाँट रहा हूँ- '' अपने पास्टर की सहायता कैसे करे|'' मैं विशवास करता हूँ की आप ऐसा करने में मेरे ह्रदय की प्रेरणा को समझेंगे|