जागृति में कलीसिया

जागृति परमेश्वर के भ्रमण का काल है| यह स्वर्ग से उण्डेला जाने का समय है| भ्रमण के समय बहुत सी बातें भिन्न होती है| हम परमेश्वर से प्रार्थना करते हुए यह माँगते हैं की वह जागृति भेजे- उण्डेला जाना अथवा स्वर्गीय भ्रमण, परन्तु क्या हम उस जागृति के लिए तैयार होना चाहिए जब वह प्रकट हो! जब जागृति लाती है तब कलीसिया कैसी दिखाती है? आप और मैं जागृति के बीच होंगे तो हमें क्या होगा- जब स्वर्गीय उण्डेला जाने का काम होगा, परमेश्वर की ओर से आत्मिक ब्रामण होगा? एक बात तो पक्की है कलीसिया उस समय ऐसी नहीं होगी जैसी आज हम देखते हैं | जब हम कलीसिया के रूप में रविवार को इकटूटे होते है तब हम सामान्यतः पास्टर के उपदेश के समाप्त होने तक प्रतीक्षा करते है| हममें से कुछ लोग बीच-बीच में सो भी जाते हैं और घर चले जाते है| परन्तु जब परमेश्वर भ्रमण करेगा तब नेश्चय ही कलीसिये बहुत भिन्न होगी | परमेश्वर के पवित्रात्मा के उण्डेला जाने हेतु तैयार हो जाएं !