आत्मिक मन से परिपूर्ण और पृथ्वी पर भुद्धिमान

यह सत्य है की हम सब चूँकि अभी भी अपूर्ण हैं, गलतियों करते हैं. पहली बार मुसीबतों का सामना करते समय . गलत फैसले ही इनके पीछे भयंकर परिणामों का कारन हो सकते हैं . कैसे हमारे गलत चुनाव उन योजनवों को परमेश्वर ने हमारे लिए बनाई है, प्रभावित करते हैं? क्या हमारी गलतियों हमारी जीवन में परमेश्वर की सर्वोतम और उच्चतम बातें पूरा होने से हम पराजित अथवा बदलती हैं ? यह पुस्तक हमे अपने मसीह व्यवहारिक जीवन में जगाने के लिए रची गई है। इसका उद्देश्य यह है कि हम अपनी एकमात्र ज़िम्मेदारी को समझें जो परमेश्वर की योजना जो हमारे जीवनों में पूरी होने के विषय में है। यह एक आव्हान है कि हम अपने कामों को आत्मिक बनाना छोड़कर उनके लिए स्वयं ज़िम्मेदारी लें। यह एक प्रोत्साहन है कि हम इस जीवन की बातों के विषय में भुद्धिमाान बनें