हमारा छुटकारा

प्रत्येक मसीही छुटकारा पाया हुआ व्यक्ति है| इसका अर्थ है की हम शैतान की दासता से बाहर गए हैं| शैतान एक विश्वासी को वैधानिक रूप से अपनी दुष्ट चालों से दबा नहीं सकता है| एक समय हम बंधन में थे , परन्तु अब स्वतन्त्र हैं| एक समय हम अन्धकार के राज्य में थे परन्तु अब ज्योति के राज्य में हैं| हमारा छुटकारा वर्त्तमान वास्तविकता है| ऐसे नहीं है की हम भविष्य में शैतान के राज्य से स्वतन्त्र होने की आशा कर रहे हों| इसकी कीमत पहले ही चुकाई जा चुकी है| हम स्वतन्त्र किए जा चुके है | यहीं पर और इसी समय-जैसे हम इस जीवन में यात्रा करते हैं- हम मसीही में अपने छुटकारे के लाभों का आनंद उठा सकते हैं| जब शत्रु अपने कामों-पाप की दासता, बिमारी , अभाव, विरोध आदि हमारे विरुद्द में लेकर आता है-इस अपने छुटकारे की घोषणा करके अंडाकार के कामों को झिड़का सकते है, क्योंकि हम प्रभु के छुड़ाए हुए लोग हैं|