राज्य के निर्माता

मसीही सेवकाई में यदि आजा किसी बात की अत्यधिक आवश्यकता है, तो वह है राज्य की मानसिकता का विकास करना| परमेश्वर ने हमें अपनी खुद की सेवकाई बनाने के लिए नहीं बुलाया है, या हमारी अपनी कलीसिया| उसने हमें उसके राज्य का निर्माण करने के लिए बुलाया है| राजा के सहकर्मी होने का क्या अर्थ है जान लों| राज्य के निर्माता का ह्रदय अपनाएं| इस बात को समझों की परमेश्वर अपने राज्य के विस्तार के लिए अपने दर्स्धनों और स्वप्नों को पूरा करने हेतु हम में से हर एक को उपयोग करता है| राज्य का निर्माण लोगों का निर्माण करना है! आत्मा से लोगों को कैसे तैयार करना है यह सीखें | परमेश्वर के राज्य में स्वप्न और दर्शन एक साथ जुडे हुए है! राज्य के निर्माण में कैसे साझोदारी करना है, यह सिखों! यदि हम सब राज्य के निर्माताओं के रूप में कार्य करेंगे, तो हम किसी भी शहर, राज्य या राष्ट्र में आत्मिक बातों में आमूल परिवर्तन देखेंगे !